घाट से मंदिरों तक रही भक्तों की भीड़
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। महड़ौरा स्थित मां लक्ष्मी महड़ौरी देवी, टांडा घाट की मां घटवारी देवी, रमौली स्थित राधा-कृष्ण मंदिर और चकिया बिहारी मिश्र गांव की मां बंगला भगवती देवी के मंदिर में भक्त पहुंचे। इसके अलावा मटियरा की मां खखरा देवी, मथेला की मां काली देवी, रामपुर गांव की मां राजराजेश्वरी देवी, खंडवारी की मां खंडवारी देवी, चहनिया गांव की मां चाहन देवी और चहनिया कस्बा स्थित मां दुर्गा मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नवरात्र के पहले दिन बाजारों में भी चहल-पहल बनी रही।
बैरिकेडिंग नहीं होने से बनी रही अव्यवस्था
गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए। घाट पर बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था नहीं होने से स्नान के दौरान अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
एक घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग
गंगा घाट से लौट रहे श्रद्धालुओं के वाहनों और बलुआ बाजार में उमड़ी भीड़ के कारण करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इससे आवागमन बाधित हो गया। वाहनों की कतारों के बीच पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नवरात्र के शेष दिनों में घाट पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही बलुआ बाजार में यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती और प्रभावी यातायात प्रबंधन की जरूरत बताई, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान और दर्शन-पूजन के दौरान परेशानी न हो।