नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन का विशेष महत्व होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। मंदिर के आसपास करीब तीन किलोमीटर के दायरे में मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। रास्तों पर पूजन सामग्री, नारियल, चुनरी और फूल-मालाओं की दुकानें सजी रहीं। इसके साथ ही पारंपरिक खान-पान की दुकानों पर भी चहल-पहल देखने को मिली। श्रद्धालु पूजा सामग्री लेकर माता के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान से पूजन किया।
भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मंदिर के आसपास मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने और व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में उमड़ी भीड़ ने मां शैलपुत्री के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। सुबह से ही पूरा इलाका धार्मिक उल्लास और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।