गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने और सनातन धर्म के संरक्षण के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 81 दिवसीय गविष्ठि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा पर निकलेंगे। तीन मई से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर से निकलने वाली यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसका नेतृत्व शंकराचार्य के साथ गो-गंगा प्रेमी गोपाल मणि करेंगे। इसका समापन लखनऊ में होगा।
यह यात्रा ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया से प्रारंभ होकर आषाढ़ शुक्ल दशमी (तीन मई से 24 जुलाई) तक लगातार चलेगी। यात्रा के संयोजक दंडी संन्यासी शिष्य स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरि और मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि यात्रा के दौरान जगह-जगह सभाएं होंगी। लोगों को गोरक्षा के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि बाद में गोमाता के लिए ठोस कदम उठाए जा सके। गविष्ठि यात्रा के प्रमुख संकल्पों में गोमाता को राज्यमाता और राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने, हर विधानसभा में एक गोधाम स्थापित करने, हिंदुओं को गोमतदाता बनने के लिए प्रेरित करने, हर गांव व मोहल्ले में पांच-पांच गो वीरों की नियुक्ति कर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और विधानसभा स्तर पर मौजूद गोशालाओं और बूचड़खानों का आंकलन करने आदि पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल से शुरू होकर पश्चिमी यूपी होते हुए लखनऊ 24 जुलाई को पहुंचेगी, जहां पर मान्यवर श्रीकांशीराम सांस्कृतिक स्थल (स्मृति उपवन) में सभा होगी। प्रदेशभर से लाखों गो भक्त भाग लेंगे।