वाराणसी। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय मंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा मंदिर निर्माण के लिए भारत सरकार को भेजे गए चेक पर सवाल उठाया है। साथ ही उन्होंने दिग्विजय सिंह द्वारा विहिप की 89 से अब तक की वसूली की जांच की मांग का भी विरोध किया है।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि देश के बच्चे-बच्चे को पता है कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए देश में समर्पण अभियान की शुरुआत हो चुकी है और पैसे को तीर्थ क्षेत्र के नाम से भेजना है। इसके बावजूद दिग्विजय सिंह ने भारत सरकार के नाम से चेक भेज कर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है। मैं दिग्विजय सिंह से पूछना चाहता हूं कि जिस रामालय न्यास और रामजन्मभूमि पुनरुद्धार ट्रस्ट बनाकर राम के नाम पर जनता से वसूली की गई उसका पैसा कहां है। दिग्विजय सिंह अपने गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से उसका हिसाब मांगें। मंदिर का फैसला आने के बाद एक ग्राम सोने की वसूली हो रही थी उसका भी हिसाब देश के संतों को चाहिए।