आदिशंकराचार्य ने 15 सौ साल पहले अखंड भारत की संकल्पना की थी। काशी से ही शंकर भाष्य के जरिए देश को एकसूत्र में पिरोने का संदेश दिया था। एक बार फिर से संन्यासी वर्ग महासम्मेलन के जरिये शंकर भाष्य से युवाओं को जोड़ने की तैयारी की जा रही है। 26 से 27 मार्च तक काशी में होने वाले संन्यासी महासम्मेलन में शंकर भाष्य और अयोध्या में शंकराचार्य कॉरिडोर निर्माण पर चर्चा होगी।
कैलाश मठ के महामंडलेश्वर आशुतोषानंद महाराज ने बताया कि संन्यासी महासम्मेलन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। देश भर से दो हजार संन्यासियों को निमंत्रण दिया जाएगा। इसके अलावा चारों शंकराचार्य और उनके प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। अयोध्या में भगवान शंकराचार्य कॉरिडोर के निर्माण पर चर्चा होगी। इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। महामंडलेश्वर ने बताया कि शंकराचार्य के भाष्य को वर्तमान में युवाओं तक पहुंचाने की योजना पर देश भर के संन्यासी मंथन करेंगे।
महामंडलेश्वर ने बताया कि सबकी आत्मा एक है और सबके अंदर भगवान को देखेंगे तो बैर भाव नहीं होगा। शंकराचार्य ने ही अखंड भारत की संकल्पना की थी। जब देश में रामराज होगा तो अखंड भारत बनना चाहिए जो शंकर भाष्य के जरिये ही साकार हो सकेगा। महासम्मेलन के दो दिवसीय सभी आयोजन कैलाश मठ में होंगे।