उद्यान पार्क में बनने वाले स्कल्पचर का डिजाइन।
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वाराणसी में बगैर एक भी पेड़ काटे शहीद उद्यान पार्क सुंदरीकरण का मॉडल बनेगा। इस दिशा में नगर निगम काम कर रहा है। करीब 2014 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाले पार्क में तीन मीटर चौड़ा सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक, पक्के पैदल मार्ग, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, ओपन जिम, योग एवं ध्यान स्थल और म्यूजिकल फाउंटेन जैसी सुविधाएं होंगी।
अधिकारियों ने बताया कि पार्क में फूलों का उद्यान भी विकसित किया जाएगा। 7.49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पार्क में ओपन जिम एरिया और बच्चों के खेलने के लिए अलग क्षेत्र होगा। पार्क को कई जोन में बांटा गया है। योग के लिए अलग क्षेत्र बनाया जा रहा है। ग्रीन एरिया के अलावा यहां एक स्कल्पचर क्षेत्र भी होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की आकृतियां लगाई जाएंगी। पाथवे, डिजिटल लाइब्रेरी और रनिंग ट्रैक की सुविधा भी होगी।
ओपन जिम, लाइटिंग, हॉर्टिकल्चर, पाथवे, झूले और अन्य संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाएगा। पार्कों के सुंदरीकरण से शहरवासियों को बेहतर वातावरण और मनोरंजन की सुविधाएं मिलेंगी। यहां आधुनिक झूले और अन्य खेल उपकरण लगाए जाएंगे। प्रकाश व्यवस्था, ईंटों का काम, प्लास्टरिंग, पेंटिंग, इंटरलॉकिंग, बागवानी सुधार, बोरिंग और बैठने के लिए बेंच लगाने समेत कई कार्य कराए जाएंगे। पार्क में बच्चों, युवाओं और दिव्यांगों समेत हर वर्ग के लोगों के लिए कुछ न कुछ सुविधाएं होंगी।
क्या बोले मेयर
शहीद उद्यान पार्क की खासियत यह है कि इसके सुंदरीकरण के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा गया है। जिस समय इसके काम की शुरुआत होनी थी, उस समय मैंने शर्त रखी थी कि सुंदरीकरण के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए, क्योंकि एक पेड़ को तैयार होने में 40 साल लगते हैं।
- अशोक कुमार तिवारी, मेयर, नगर निगम