जल निगम की ओर से शहर के 22 वार्ड में 1005 किलोमीटर की सीवर और पेयजल पाइपालाइन डाली जाएगी। इसमें कुल 2160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत बंगाली टोला में 22.15 करोड़ रुपये की लागत से 8.50 किमी पाइप लाइन, जंगमबाड़ी में 16.96 करोड़ रुपये की लागत से 6.54 किमी पाइप लाइन, बागहाड़ा में 19.51 करोड़ रुपये की लागत से 7.50 किमी पाइप लाइन, शिवाला में 48.52 करोड़ रुपये की लागत से 28.50 किमी पाइप लाइन, नगवां में 59.08 करोड़ रुपये की लागत से 22.50 किमी पाइप लाइन पड़ेगी।
इस बड़े कार्य में लगभग एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। इस अवधि के दौरान सड़कों पर गड्ढे खोदने और निर्माण कार्य चलने से जनता को आवागमन में थोड़ी असुविधा और कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि सीवर और पेयजल लाइन बदलने से पुराने व जीर्ण-शीर्ण पाइपों के कारण होने वाली पानी की बर्बादी, गंदे पानी के रिसाव और बार-बार जाम होने की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे शुद्ध पेयजल का दबाव सुधरेगा। पुराने पाइपों में जमी गंदगी और ब्लॉकेज हटने से पानी का प्रेशर सही हो जाएगा। जलभराव और ओवरफ्लो से राहत मिलेगी।
क्या बोले मेयर
हम लोगों का प्रयास है कि जर्जर सीवर और पेयजल लाइन को बदला जाएगा ताकि पुरानी समस्याओं का समूल समाधान हो सके। इसके लिए सभी से सहयोग की सहयोग की अपील की। -अशोक कुमार तिवारी, मेयर नगर निगम