नगर निगम के सभागार में कार्यकारणी सदस्य के साथ बैठक करते महापौर अशोक तिवारी ।
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होटलों व लॉज को कर के दायरे में लाएगा नगर निगम
कार्यकारिणी में बिना पंजीकरण चल रहे होटल, लॉज, सराय, स्टेहोम, गेस्ट हाउस और छात्रावास का मामला भी उठाया गया। कहा गया कि कर के आंकड़ों में इन प्रतिष्ठानों की संख्या बेहद कम है। इस पर नए सिरे से सर्वे और कर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूर किया गया।
पार्षदों की निधि अब 25 लाख रुपये
वार्डों में विकास कार्य के लिए पार्षदों की निधि बढ़ा दी गई है। अब पार्षद 20 लाख की जगह 25 लाख रुपये तक के विकास से संबंधित प्रस्ताव दे सकेंगे। इस पर कार्यकारिणी की मुहर लग गई है। अब मामला सदन में जाएगा। कार्यकारिणी के सदस्यों ने जलकल की ओर से सफाई के लिए लगाए गए कर्मचारियों की सूची वार्डवार मांगी है।
शराब की दुकानों का पंजीकरण अब 30 हजार रुपये में
व्यवसायिक भवनों, कोचिंग संस्थान, अस्पतालों, शाॅपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और उसमें खुले दुकानों पर भी कर लगाया जाएगा। एसी वाले होटल संचालकों से दस हजार और नॉन एसी पर पांच हजार रुपये सालाना कर वसूले जाएंगे। होटलों से निकलने वाले कूड़े पर भी सरचार्ज लिया जाएगा। शराब की दुकानों से अब 12 हजार की जगह 30 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। स्कूलों के मध्यम आकार के बस पर तीन हजार और इससे बड़े बसों पर सात हजार रुपये कर लगाया जाएगा।
कुत्ता, बिल्ली पालने पर भी देना होगा कर
कुत्ता व बिल्ली पालने वालों को भी कर देना होगा। ई रिक्शा चलाने वाले लोगों से भी कर वसूलने की तैयारी है। कुत्ता पालने वाले के लिए पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। पहले 200 रुपये जमा कराए जाते थे।
बगैर टेंडर दूध मंडी से हो रही वसूली
दूध मंडी पांडेयपुर, पंचक्रोशी, लंगा नगवां का जब टेंडर नहीं हुआ है, फिर भी वसूली की जा रही है। इसका टेंडर जल्द कराया जाएगा। बारिश के दिनों में पेड़ों की डालियों की छंटाई के लिए मशीन खरीदी जाएगी।
बगैर अनुमति प्रचार करने वालों पर होगी एफआईआर
दशाश्वमेध मार्ग पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई। शहर में बगैर अनुमति के लगने वाले विज्ञापनों के मामलों में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। शहर में कितने सरायों का पंजीकरण हुआ, इनमें कितने कमरे हैं, इसकी जानकारी ली जाएगी। नगर निगम से संचालित तीन विद्यालयों का कायाकल्प होगा। इनमें जेपी मेहता, मछोदरी और रामघाट के विद्यालय शामिल हैं। अनावश्यक रूप से पार्कों में रखी लकड़ी बेची जाएगी।
जन्म के 21 दिन तक निशुल्क बनेंगे प्रमाण पत्र
नगर निगम की कार्यकारिणी ने जन्म के 21 दिन के भीतर प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था निशुल्क रखी है। 21 दिन के बाद 100 रुपये अर्थदंड के साथ जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। दूसरी तरफ,कुंडों और पोखरों के सुंदरीकरण का बजट बढ़ा दिया गया है। अब सुंदरीकरण पर 40 लाख की जगह तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा सकेंगे।