Namo Ghat: इस घाट पर देशी-विदेश पर्यटकों की भी संख्या बढ़ती ही जा रही है। यहां बच्चों के लिए तरह-तरह के मनोरंज के साधन उपलब्ध हैं। नमो घाट पर पहले चरण में ओपन एयर थिएटर, शौचालय फूट कोर्ट, स्मारिका प्लाजा सहित सूर्य नमस्कार बनाया गया था। सूर्य नमस्कार के ढांचे के साथ आज भी फोटो खींचने की होड़ मची रहती है।
नमो 2.0 के तहत वाराणसी के प्रख्यात नमो घाट पर 75 फीट ऊंचा सूर्य नमस्कार का एक और ढांचा (स्कल्पचर) तैयार किया जा रहा है। इसकी आकर्षता काफी भव्य होगी। अप्रैल के प्रारम्भ में इस स्कल्पचर को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। काशी के सबसे बड़े घाट पर बन रहा यह ढांचा इसकी भव्यता को और प्रख्यात करेगा।
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वाराणसी के अर्द्धचंद्राकार घाटों के अंतिम छोर पर स्थित खिड़किया घाट को जिला प्रशासन ने ‘नमो घाट’ के रूप में नया कलेवर दे दिया है। यहां पहले से ही 25-25 फीट के तीन स्कल्पचर स्थापित हैं जो पर्यटकों के बीच सबसे पसंदीदा हैं। इसकी बढ़ती लोकप्रियता के चलते ही स्मार्ट सिटी के तहत यहां 75 फीट ऊंचा चौथा नमस्ते कल्पचर लगाने का निर्णय लिया गया था।
इस घाट पर देशी-विदेश पर्यटकों की भी संख्या बढ़ती ही जा रही है। यहां बच्चों के लिए तरह-तरह के मनोरंज के साधन उपलब्ध हैं। नमो घाट पर पहले चरण में ओपन एयर थिएटर, शौचालय फूट कोर्ट, स्मारिका प्लाजा सहित सूर्य नमस्कार बनाया गया था। सूर्य नमस्कार के ढांचे के साथ आज भी फोटो खींचने की होड़ मची रहती है।