इसी बीच हमारे भाइयों से विवाद हो गया। इसी संबंध में मां की मुलाकात अधिवक्ता अरविंद सिंह से हुई। अधिवक्ता ने धोखे में रखकर एक फ्लैट की रजिस्ट्री 35 लाख में कराई और बाद में पता चला कि मेरे अन्य सात अन्य फ्लैट में भी दूसरे का कब्जा हो गया है। दस्तावेज में हेरफेर कर अधिवक्ता ने एक फ्लैट की रजिस्ट्री पर सात अन्य प्लैट की रजिस्ट्री करा ली। इस प्रकरण को लेकर महिला ने भेलूपुर थाने पर गुहार लगाई तो टालमटोल किया जाता रहा। तब महिला ने आईजी रेंज विजय सिंह मीणा से गुहार लगाई तो भेलूपुर पुलिस ने शिक्षिका की तहरीर पर अधिवक्ता अरविंद सिंह, गंगासागर, प्रशांत सिंह कौशिक, शत्रुघन मिश्रा, अनिल गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता और अशोक कुमार यादव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओें में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई।