वाराणसी। सीर गोवर्धन इलाके के बदमाश ही बीएचयू की सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं। यह खुलासा एनआरआई शोध छात्रा के साथ हुई रेप की कोशिश घटना की जांच कर रही पुलिस टीम ने किया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अशोकपुरम कॉलोनी के रास्ते रात में इस इलाके के अराजक तत्व चहारदीवारी फांदकर बीएचयू परिसर में घुस जाते हैं। अपराधों को अंजाम देकर उसी रास्ते से भाग जाते हैं। परिसर में आए दिन वारदातों से बीएचयू के भारी भरकम सुरक्षा तंत्र की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कैंपस की सुरक्षा बीएचयू प्रशासन के जिम्मे है। इसके लिए बीएचयू प्रशासन का भारीभरकम सुरक्षा तंत्र है। सात सौ से अधिक सुरक्षा कर्मी हैं। इसके बावजूद बीएचयू परिसर में आए दिन हो रही लूट, चोरी, छिनैती की घटनाएं हो रही हैं।
पिछले दिनों परिसर में छात्रों के हंगामे के बाद अचानक हिंसा भड़कने और आए दिन मोबाइल छिनैती या बाइक चोरी की घटना में बाहरी लोगों के नाम आने से यह साबित हो गया है कि ‘बाहरी’ ही विश्वविद्यालय में अशांति फैला रहे हैं और खासकर सीर गोवर्धन इलाके के अराजक तत्व। ऐसे तत्वों पर नकेल कसने में विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक नाकाम ही रहा है।
दस फीट ऊंची चहारदीवारी फांद कर आते हैं बदमाश
सीर गोवर्धन स्थित अशोकपुरम कॉलोनी में करीब एक दर्जन ऐसे स्पॉट हैं जहां से बदमाश रात में चहारदीवारी फांद कर बीएचयू परिसर में घुसते हैं। दस फीट ऊंची चहारदीवारी पर चढ़ने के लिए बाकायदा ईंट की सीढि़यां बनाई गई हैं। इन्हीं रास्ताें से बदमाश सीर और छित्तूपुर गेट बंद होने के बाद अक्सर रात में कैंपस में घुसते हैं।
पुलिस के मुताबिक चोरी और छिनैती की वारदातों को अंजाम देने वालों की उम्र 16 से 20 साल के बीच है। कॉलोनी के लोगों के मुताबिक लंका पुलिस और बीएचयू के सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी है मगर मामला जब तक तूल नहीं पकड़ता दोनों अंजान बने रहते हैं।