फुलवरिया इलाके में ही निर्माणधीन आरओबी के नीचे न सिर्फ अस्थाई दुकानें संचालित हो रही हैं, बल्कि पूरे दिन वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। कैंटोंमेंट के पास सटे इलाकों में सड़क किनारे ही बेतरतीब तरीके से निर्माण सामग्री फैलाई गई हैं।
लोहे के बीम भी यहां जहां-तहां रखे गए हैं। यहां बता दें कि 15 मई 2018 को सेतु निगम के तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही से लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर का बीम गिर गया था और 15 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद तो जरूर नियमों को लेकर सख्ती की गई थी, मगर अब हादसे के साथ ही नियमों को भी अधिकारियों ने भुला दिया है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि परियोजनाओं के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन सबसे अहम है। फुलवरिया शिवपुर प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर अपर जिलाधिकारी से जांच कराई जाएगी और ऐसा पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी होगी।
निर्माण सामग्री के रखरखाव में दिख रही है विभाग की लापरवाही
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लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार फ्लाईओवर सहित ऊपरी हिस्से में निर्माण के दौरान पूरे क्षेत्र में जाल लगाना बेहद जरूरी है। ऐसे में निर्माण सामग्री के नीचे गिरने का खतरा बेहद कम हो जाता है। ऐसी परियोजनाओं के निर्माण में सबसे अहम है कि उस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाए। इसके लिए बैरिकेड के साथ ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। सपोर्ट लगाने के बाद उसे मानवरहित करना भी सबसे अहम है।