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विभाग कर रहा लापरवाही: वाराणसी के फुलवरिया फोरलेन में सुरक्षा से खिलवाड़, पिछले हादसों से सेतु निगम ने नहीं लिया सबक

Thu, 31 Mar 2022 11:37 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 फुलवरिया  फोरलेन परियोजना में दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जा रहे हैं। सेतु निगम अपनी इस परियोजना को पूरी करने के लिए तेजी तो दिखा रही है, मगर निर्माण में सुरक्षा और संरक्षा को लेकर बेहद लापरवाह है। 
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निर्माणाधीन आरओबी के नीचे पूरे दिन वाहनों की आवाजाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर के लोगों की सहूलियत के लिए तैयार हो रहे फुलवरिया फोरलेन में अधिकारियों की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फुलवरिया इलाके में फ्लाईओवर निर्माण में सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। यही कारण है कि निर्माण के दौरान लोग बिना रोकटोक उस क्षेत्र में आवाजाही कर रहे हैं। 

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उधर, लोहे के बड़े-बडे़ बीम भी बेतरतीब तरीके से जगह-जगह फैला दिए गए हैं। यह आलम तब है जब चार साल पहले ऐसी ही लापरवाही के चलते वाराणसी के सेतु निगम के अफसर जेल की सलाखों की पीछे तक पहुंच गए थे। उधर, लहरतारा इलाके में भी किए जा रहे निर्माण के दौरान बीच सड़क पर चल रही मशीनें बड़े खतरे से कम नहीं है।

निर्माण में सुरक्षा और संरक्षा को लेकर लापरवाही

मजबूत कनेक्टिविटी के लिए लहरतारा चौराहे से सेंट्रल जेल रोड तक तैयार हो रही फोरलेन परियोजना में दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जा रहे हैं। सेतु निगम अपनी इस परियोजना को पूरी करने के लिए तेजी तो दिखा रही है, मगर निर्माण में सुरक्षा और संरक्षा को लेकर बेहद लापरवाह है।

अधिकारियों की लापरवाही से 2018 में हुआ था बड़ा हादसा

फुलवरिया इलाके में ही निर्माणधीन आरओबी के नीचे न सिर्फ अस्थाई दुकानें संचालित हो रही हैं, बल्कि पूरे दिन वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। कैंटोंमेंट के पास सटे इलाकों में सड़क किनारे ही बेतरतीब तरीके से निर्माण सामग्री फैलाई गई हैं।

लोहे के बीम भी यहां जहां-तहां रखे गए हैं। यहां बता दें कि 15 मई 2018 को सेतु निगम के तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही से लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर का बीम गिर गया था और 15 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद तो जरूर नियमों को लेकर सख्ती की गई थी, मगर अब हादसे के साथ ही नियमों को भी अधिकारियों ने भुला दिया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि परियोजनाओं के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन सबसे अहम है। फुलवरिया शिवपुर प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर अपर जिलाधिकारी से जांच कराई जाएगी और ऐसा पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी होगी।
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फ्लाईओवर में जाल नहीं, नीचे बैरिकेड भी भूले

निर्माण सामग्री के रखरखाव में दिख रही है विभाग की लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार फ्लाईओवर सहित ऊपरी हिस्से में निर्माण के दौरान पूरे क्षेत्र में जाल लगाना बेहद जरूरी है। ऐसे में निर्माण सामग्री के नीचे गिरने का खतरा बेहद कम हो जाता है। ऐसी परियोजनाओं के निर्माण में सबसे अहम है कि उस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाए। इसके लिए बैरिकेड के साथ ही सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। सपोर्ट लगाने के बाद उसे मानवरहित करना भी सबसे अहम है।
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