जल शक्ति मंत्रालय के सचिव वीएल कंथा राव ने शुक्रवार को आईआईटी बीएचयू में स्मार्ट लैबोरेटरी ऑन क्लीन रिवर्स का निरीक्षण किया। स्वच्छ नदियों के लिए स्मार्ट लैब की समीक्षा कर नदी पुनर्जीवन और जल प्रबंधन से संबंधित चल रहे कार्याें की प्रगति जानी। नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार और निगरानी सिस्टम को मजबूत करने के लिए हाईटेक रिसर्च और तकनीक उनके सामने रखी गई।
आईआईटी बीएचयू में वैज्ञानिकों की टीम ने सचिव को वहां चल रही शोध गतिविधियों, फील्ड के प्रयोग, नमामि गंगे प्रोग्राम को लेकर जानकारियां दी गईं। कंथा राव ने वैज्ञानिकों के साथ बैठक में बताया कि कार्य बेहतर है। साक्ष्य आधारित समाधान विकसित हो रहा है। वहीं, रिसर्च प्रोजेक्ट्स को जमीनी स्तर पर बेहतर ढंग से लागू करने की जरूरत बताई। कहा कि लैब में विकसित नवाचारों को वास्तविक परिस्थितियों के बीच अमल में लाना होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यों जैसे कि डेनमार्क की हाईटेक तकनीक को अपनाने और बनारस में बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने की बात उठाई। इससे नदी प्रबंधन में दक्षता, स्थिरता और विस्तार क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। यह दौरा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी संस्थाओं और प्रमुख तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग के महत्व को दिखाता है।
इन वैज्ञानिकों के साथ की बैठक
सचिव के साथ परियोजना से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों में प्रो. एसबी द्विवेदी, प्रो. अनुराग ओहरी, प्रो. शिशिर गौर, प्रो. हरसिमरन कौर, प्रो. मेधा झा, डॉ. प्रमोद सोनी, डॉ. अंशुमान सतपथी और सिविल इंजीनियरिंग विभाग से राहुल सिंह, फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग से प्रो. श्रेयांस कुमार जैन शामिल थे।