उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) भोलेंद्र प्रताप सिंह को पत्र भेजकर छह शिक्षकों के खिलाफ जारी स्पष्टीकरण और वेतन रोकने की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। संघ ने इसे माध्यमिक शिक्षा के नियमों के विपरीत बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने बताया कि डीआईओएस को भेजे गए पत्र में कहा है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान छह शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने मुख्यालय से बाहर जाने की पूर्व सूचना दी थी। इसके बावजूद उनके विरुद्ध स्पष्टीकरण मांगने और वेतन बाधित करने का पत्र जारी कर दिया गया। माध्यमिक शिक्षा अधिनियम-1921 के प्रावधान लागू होते हैं और शिक्षकों के वेतन रोकने की कार्रवाई नियमों के अनुरूप नहीं है। छह शिक्षकों पर पुलिस भर्ती परीक्षा की ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया, उनमें से चार ने अपने आवंटित केंद्रों पर ड्यूटी की थी। एक शिक्षिका को लिखित अनुमति भी दी गई थी। ऐसे में कार्रवाई तथ्यों के विपरीत और शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न करने वाली है। संघ ने मांग की है कि 12 जून को जारी छह शिक्षकों के खिलाफ स्पष्टीकरण और वेतन रोकने संबंधी पत्र तत्काल निरस्त किया जाए।