कृषि विभाग द्वारा कृषक उत्पादक संघ (एफपीओ) एनसीडीसी प्रशिक्षण केंद्र, टिकरी में बृहस्पतिवार को जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, भूमि की उर्वरता बढ़ती है। किसानों की आय में वृद्धि होती है। उन्होंने कृषि और उद्यमिता को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर बल दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने किसानों को कृषि विभाग की संचालित योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। विधायक रोहनिया डॉ. सुनील पटेल ने किसानों को वैज्ञानिक खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण), लखनऊ संतोष कुमार राय ने गुणवत्तायुक्त कृषि आदानों के उपयोग और प्रमाणित बीजों के महत्व पर बात की। वहीं, संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने खरीफ मौसम में फसल प्रबंधन, जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों और विभागीय कार्यक्रमों की जानकारी किसानों को दी। कार्यशाला के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन कर विभिन्न प्राकृतिक कृषि तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत तथा अन्य जैविक और प्राकृतिक कृषि इनपुट तैयार करने की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।