महाप्रबंधक के पहुंचने से पहले काशी रेलवे स्टेशन पर दोपहर से ही साफ सफाई और खामियों को दूर करने में रेलवे कर्मचारी लगे हुए थे। हाल यह था कि महाप्रबंधक के पहुंचने से 10 मिनट पहले तक स्टेशन पर स्थित पेयजल बूथ और नाली को साफ किया जा रहा था। अक्सर शाम होते अंधेरे में डूबने वाला काशी स्टेशन शुक्रवार को लाइटिंग से जगमगा रहा था। काशी रेलवे स्टेशन पर सीमित ट्रेनों का दबाव है। शाम होते ही रेलवे स्टेशन और परिसर में चंद लाइटों को छोड़ बाकी जगह अंधेरा पसरा रहता है।
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर रेल कोच बनने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे प्रशासन ने कैंट स्टेशन पर कोच निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित किया है। रेल अधिकारियों के मुताबिक रेल कोच रेस्टूरेंट का निर्माण रेलवे की सेवा से रिटायर हो चुके कोच को मोडिफाई कर किया जाएगा।
कोच के अंदर और बाहर काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतिक चिन्हों को उकेरा जाएगा। यात्री रेल में यात्रा किए बिना रेल कोच में सवार होकर बनारसी जायके के साथ देश के विभिन्न राज्यों के जायके का आनंद उठा सकेंगे। रेल अधिकारियों के मुताबिक 22 सितंबर दोपहर दो बजे टेंडर बंद हो जाएगा और उसी दिन तीन बजे टेंडर खोला जाएगा।