मुंबई, गुजरात, सूरत और नई दिल्ली की ट्रेनों में नहीं हैं सीटें
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों की कमी है। इससे यात्रियों की परेशानियां बरकरार हैं। कंफर्म टिकट के लिए उन्हें ट्रेवेल्स संचालकों और स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वाराणसी से मुंबई, सूरज, गुजरात, अहमदाबाद, दिल्ली, दक्षिण भारत समेत अन्य शहरों को जाने वाली ट्रेनों में 15 जुलाई तक वेटिंग है। वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत, बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट ट्रेनों को छोड़ दिया जाए तो अन्य ट्रेनों में जुलाई के अंत तक सीटें नहीं हैं।
गर्मी की छुट्टियां खत्म होने और अपने काम धंधों पर लौटने वालों से लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। कैंट और बनारस स्टेशन से खुलने वाली ट्रेनों में टिकट कंफर्म नहीं मिलने के कारण यात्री जनरल कोच में सफर करने को विवश हैं। वाराणसी समेत आसपास जिलों के यात्री कैंट स्टेशन और बनारस स्टेशन से ट्रेन पकड़ते हैं। ऐसे में मुंबई जाने वाली कमायनी, महानगरी, एलटीटी-गोरखपुर, एलटीटी-बनारस सुपरफास्ट अन्य साप्ताहिक ट्रेनों में 15 जुलाई तक लंबी वेटिंग है। किसी भी श्रेणी में यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। सूरत, गुजरात और अहमदाबाद की ट्रेनों में भी यही हाल है। बनारस स्टेशन और कैंट से दक्षिण भारत को जाने वाली ट्रेनों की सभी श्रेणियों में वेटिंग टिकट है। उधर, टिकट एजेंटों के यहां यात्री दोगुने दाम पर टिकट खरीदने को विवश हैं। ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी टिकट की मांग अधिक है। तत्काल टिकट के लिए स्टेशन के आरक्षण काउंटरों पर यात्री रात और भोर से ही लाइन लगा रहे हैं। एक-दो कंफर्म टिकट के बाद अन्य टिकट सिर्फ वेटिंग मिल रही है।