इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों के सामने अब दाखिले की चुनौती है। अच्छे अंकों से पास होने के बावजूद अच्छे कॉलेज में एडमिशन पाना उनके लिए आसान नहीं रह गया है। आईएससी और यूपी बोर्ड की बारहवीं का रिजल्ट आ चुका है। पास प्रतिशत में भले गिरावट आई हो लेकिन नंबरों की बरसात दिल खोलकर हुई है।
स्नातक में प्रवेश के लिए युवाओं की लंबी फौज है लेकिन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सीटें सीमित ही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को न सिर्फ अच्छे कॉलेज में बल्कि मनमाफिक कोर्स में प्रवेश पाने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी। खास तौर से विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए तो ये आसान नहीं होगा। इस साल आईसीएसई बोर्ड से 12वीं में 892 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। इसमें करीब 500 विद्यार्थी विज्ञान वर्ग से थे।
ऐसे ही यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 49018 रही और इसमें विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं की भागीदारी करीब 24500 थी। सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट अभी आना है। इस साल साढ़े बारह हजार ने सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा दी है। इसमें औसतन पांच हजार विद्यार्थी विज्ञान वर्ग से हैं।
ऐसे में विज्ञान वर्ग से 12वीं पास करने वालों की संख्या करीब 30000 हुई लेकिन इसके सापेक्ष बीएचयू, काशी विद्यापीठ समेत शहर के दूसरे कॉलेजों में बीएससी व इससे इतर दूसरे विज्ञान वर्ग के दूसरे पाठ्यक्रमों की कुल सीटें महज पांच हजार ही हैं। इसमें भी आईआईटी बीएचयू और बीएचयू की मेडिकल की सीटों पर तो देश भर से आवेदन आते हैं। इस तरह विद्यार्थियों के लिए सरकारी कॉलेज में दाखिला पाना मुश्किल है। ऐसे में प्राइवेट कॉलेजों की तरफ उन्हें रुख करना पड़ेगा।