संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बुधवार को नारी शक्ति वंदन स्कूटी रैली निकाली गई। रैली को राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली संस्कृत विश्वविद्यालय से लहुराबीर, मलदहिया पटेल मूर्ति सिगरा होते हुए भारत माता मंदिर पर समाप्त हुई। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अटल जी के समय लाया गया था। लेकिन, किसी भी पार्टी का सहयोग न होने की वजह से अभी तक लंबित था। आज मोदी सरकार इस बिल को लाकर महिलाओं के प्रति अपना आदर सम्मान व्यक्त किया है। कार्यक्रम की संयोजक साधना वेदांती, सह संयोजक डॉ. रचना अग्रवाल, खुशबू सिंह थीं। इस अवसर पर पूजा दीक्षित, अर्चना जायसवाल, विनीता सिंह, पूजा पांडेय, उषा सिंह, नेहा कक्कड़ आदि मौजूद रहीं।
उधर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार को छात्राओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत नारी शक्ति पदयात्रा निकाली। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी। विश्वविद्यालय के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ, महिला यौन उत्पीड़न प्रतिषेध समिति और महिला अध्ययन केंद्र की ओर से पंत प्रशासनिक भवन के सामने से निकाली यात्रा आजाद चौराहा, गेट नंबर दो होते हुए भारत माता मंदिर तक गई। इस दौरान राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि कानून महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करेगा। इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी भागीदारी में वृद्धि होगी और उनकी आवाज को उचित मंच मिलेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, नीलू मिश्रा, कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, कुलानुशासक प्रो. केके सिंह आदि मौजूद रहीं।