यूपी में रुबेला का टीका लगने के बाद बच्चों के तबियत बिगड़ने के लगातार मामले आ रहे हैं। अब ताजा मामला बलिया के बेल्थरा रोड तहसील में उच्च प्राथमिक स्कूल फरसाटार पर सोमवार को रुबेला (खसरा) का टीका लगाने के बाद पांच छात्राओं की हालत बिगड़ गई। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया।
प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को इसकी जानकारी देने पर डॉक्टरों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद हालत में सुधार बताया गया है।
रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ उच्च प्राथमिक स्कूल पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने स्कूल के कुल 94 बालक-बालिकाओं को रूबेला का टीका लगाया। टीकाकरण के बाद कक्षा आठ की छात्रा प्रीति, सीमा, सुमन, अंजू और रानी को चक्कर आने के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया।
उसके बाद छात्राओं ने मध्याह्न भोजन लिया। भोजन के बाद पांचों छात्राओं के पेट का अचानक दर्द तेज हो गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक देवनाथ ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जीपी चौधरी को दी। अधीक्षक के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम स्कूल पहुंची तथा छात्राओं की हालत देखने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि अभिभावकों का कहना था कि रुबेला के टीकाकरण वाली टीम के साथ एक फर्स्ट एड टीम भी होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से बच्चों की तबियत खराब हो रही है। आलम तो यह है कि सीएचसी पर भी उपचार के दौरान दवाएं बाहर से मंगाकर उपचार किया जा रहा है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ जीपी चौधरी का कहना है कि टीकाकरण के चलते बच्चों में भय उत्पन्न हो गया। डर के मारे टीकाकरण के बाद उनके पेट में दर्द होने लगा। हालांकि टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।