उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी एक प्रोफेसर की सड़क हादसे में मौत के बाद पुलिस को गुमराह करने का मामला सामने आया है। जिसमें पुलिस को आरोपी चालक के जगह पर दूसरे चालक को सौंप दिया गया। जिसके बाद चालक के परिजन थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिए।
आर्यन इंटरनेशनल स्कूल की बस ने हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर सुधीर सिंह को बुधवार को सुसुवाही में कुचल दिया था। हादसे में सुधीर की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद चालक भाग निकला और पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया।
इस बीच स्कूल प्रबंधन द्वारा हादसे से संबंधित चालक की जगह अखरी निवासी दूसरे चालक को पुलिस को सौंपा गया। सूचना पाकर शुक्रवार को लंका थाने पर उसके परिजन हंगामा करने लगे और बताया कि जिस चालक से हादसा हुआ वो नुआंव का रहने वाला है। उसका लाइसेंस सही नहीं था इस वजह से उसे पुलिस को नहीं सौंपा गया।
इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने हिरासत में लिए गए चालक को छोड़ दिया। इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि गुमराह करने के लिए स्कूल प्रबंधन को फटकार लगाकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आरोपी चालक की खोजबीन की जा रही है। लाइसेंस चेक किए बगैर चालक को नौकरी पर कैसे रखा गया, इसकी जांच के लिए आरटीओ को पत्र लिखा जा रहा है।