Varanasi News: 11वें दिन छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में दर्शन कर बिना तिथि और त्योहार के नया रिकॉर्ड बना दिया। भीड़ का आलम यह था कि एक कतार गेट नंबर चार से गोदौलिया से आगे तो दूसरी चौक थाने के पास तक पहुंच चुकी थी। वहीं गंगा द्वार पर श्रद्धालुओं की कतार तो ललिता घाट के आगे तक पहुंच गई।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में चैत्र के महीने में सावन का नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर के आसपास का इलाका पूरी तरह से जाम रहा। मंदिर की ओर जाने वाली गलियों से लेकर गंगा के तट तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। 11वें दिन बिना किसी तिथि और त्योहार के छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ ने दर्शन-पूजन का नया रिकॉर्ड बना दिया। दर्शन-पूजन के लिए भीड़ का आलम ऐसा कि संभालने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
विज्ञापन
मंगला आरती खत्म होने से पहले ही श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा के दर्शन के लिए कतारबद्ध होने लगी थी। मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला शयन आरती तक अनवरत चलता रहा। रात नौ बजे तक बाबा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या छह लाख से अधिक पहुंच गई। इसके पूर्व 17 मार्च को 5.03 लाख दर्शनार्थियों ने दर्शन-पूजन कर नया रिकॉर्ड बनाया था।
विज्ञापन
11वें दिन छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में दर्शन कर बिना तिथि और त्योहार के नया रिकॉर्ड बना दिया। भीड़ का आलम यह था कि एक कतार गेट नंबर चार से गोदौलिया से आगे तो दूसरी चौक थाने के पास तक पहुंच चुकी थी। वहीं गंगा द्वार पर श्रद्धालुओं की कतार तो ललिता घाट के आगे तक पहुंच गई।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि रात 9 बजे तक छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। इससे 17 मार्च को रिकॉर्ड टूट गया। नॉन फेस्टिवल डे में अब तक श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या दो लाख तीन हजार तक पहुंची है। गुरुवार को यह आंकड़ा तीन गुना से अधिक हो गया।
राम की नगरी का पलट प्रवाह है काशी में
भगवान राम की नगरी के पलट प्रवाह से बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा हो रही है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के दुकानदारों ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं में सबसे अधिक संख्या अयोध्या राममंदिर में दर्शन करके लौटने वालों की है। शुरुआती दौर में सिर्फ शनिवार, रविवार और सोमवार को ही भक्तों की भीड़ होती थी लेकिन अब भीड़ हर रोज होने लगी है।
मंदिर के चारों गेट हुए श्रद्धालुओं से पैक, स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए बनाए गए चारों गेट गुरुवार को श्रद्धालुओं से पूरी तरह पैक हो गए। भीड़ नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों और मंदिर कर्मचारियों के पसीने छूट गए। सबसे ज्यादा सांसत गलियों में रहने वालों को हुई। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण स्थानीय निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी। भीड़ ज्यादा होने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद ही मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया।