सावन और अधिमास भगवान शिव की आराधना का मास है और भगवान शिव की कृपा भक्तों पर बरसेगी। 10 जुलाई को पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा का श्रृंगार हुआ। वहीं दूसरे सोमवार पर राजराजेश्वर का गौरी शंकर स्वरूप में श्रृंगार कराया गया था।
गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सावन के तीसरे सोमवार को बाबा के जलाभिषेक करने के लिए इस बार ललिताघाट से श्रद्धालुओं को इंट्री नहीं मिलेगी। शेष तीनों गेट से पूर्व की ही तरह इंट्री दी जाएगी। किसी भी श्रद्धालु के साथ कोई घटना न हो जाए, इसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने ललिताघाट की ओर जाने वाले सभी मार्ग को बंद कर दिया है। यही नहीं गंगा में बढ़ाव के कारण नाव का संचालन भी बंद कर दिया गया है।
काशी विश्वनाथ धाम आने वाले बाबा भक्तों से मंदिर प्रशासन ने अनुरोध जारी किया है कि बाबा दरबार दर्शन को जब भी जाएं तो प्रतिबंधित वस्तुओं को बाहर लॉकर में जमा कर ही कतार में लगें। किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखे तो पास में ही तैनात सुरक्षाकर्मी को जानकारी आवश्य दें। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल, कैमरा, ब्लेड चाकू, पेन, पेनड्राइव, बीड़ी सिगरेट, लाइटर माचिस आदि को लेकर कतार में न लगें। यह सारी वस्तुएं अमानती गृह या लॉकर में जमा कर ही मंदिर में आएं।