सुगम दर्शन करने वालों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। शृंगार गौरी के बगल में मंदिर प्रशासन की ओर से गढ्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। इसमें कई श्रद्धालु गिरकर चोटिल हो गए। गेट नंबर पांच की तरफ भी टूटी हुई टाइल्स और गढ्ढे में गिरकर श्रद्धालु चोटिल हुए। आम दर्शनार्थियों ने सुगम दर्शन करने वालों का विरोध भी किया।
भीड़ अधिक होने और अफरातफरी की स्थिति देखकर पुलिस ने अनहोनी से बचाने के लिए श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार से एंट्री करानी पड़ी। अंधेरा होने और कई यात्रियों के गिरने के कारण अफरातफरी मच गई। हंगामा बढ़ता देखकर पुलिस ने कई थानों की फोर्स बुलाई। रस्सा पार्टी मंगाकर बैरिकेडिंग की व्यवस्था कराई गई। छत्ता द्वार पर मलबा गिरा होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। सरस्वती फाटक से निकलने वाले रास्ते पर मकानों के मलबे से निकली हुई सरिया में भी फंसकर कई लोगों को चोट लगी।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि अनुमान से ज्यादा भीड़ के कारण कुछ अव्यवस्था की शिकायतें मिली। लोक निर्माण विभाग और नगर निगम को बृहस्पतिवार तक बैरिकेडिंग और सफाई के लिए निर्देश दिया गया है। सबकी जिम्मेदारी तय है, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
80 हजार ने किया बाबा का दर्शन :
सावन के पहले दिन देर रात तक 80 हजार भक्तों ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। सुबह छह बजे से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला शयन आरती तक चलता रहा। कांवरिया शिविरों में भी कांवरियों की भीड़ लगी रही।