खुशी का माहौल गम में तब्दील हो गया। कलेजे के टूकड़े को मृत देख रोहित की माता रेनू और दीपक की मां सरोज बेसुध होकर गिर पड़ी। सूचना पाकर दोनों बच्चों के पिता भी मौके पर आ गए। इस दौरान मुगलसराय कोतवाल शिवानंद मिश्र भी पहुंच गए। हालांकि परिवार वालों ने किसी प्रकार की भी कानूनी कार्रवाई करने से मना कर दिया और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।