भगवान शिव के बालस्वरूप बाबा बटुक भैरव का रविवार को त्रिगुणात्मक शृंगार हुआ। 51 किलो बेले के फूलों से सात्विक, 51 किलो मिश्रित फूलों से राजसी और 56 भोग की सामग्री से तामसिक शृंगार हुआ। तामसिक शृंगार के दौरान श्रद्धालुओं ने वर्ष में एक बार बाबा बटुक भैरव के वास्तविक स्वरूप के दर्शन किए।
रविवार को कमच्छा स्थित मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों के साथ ही रोशनी से सजाया गया। सुबह चार बजे बाबा का पंचामृत स्नान करने के बाद सात्विक शृंगार किया गया। इसके बाद सात्विक विधि से पूजन के बाद सुबह की आरती हुई। शाम चार बजे कोलकाता से मंगाए गए फूलों व राजसी वस्त्र धारण कराकर राजसी शृंगार हुआ। इसके बाद बाबा को 56 भोग अर्पित किया गया।