सतुआ संक्रांति के अवसर पर लोग दान-पुण्य का विशेष महत्व मानते हैं। इस दिन सतुआ, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थों का दान किया जाता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु गंगा तटों पर स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
वहीं, सिख समाज के लिए वैशाखी का पर्व विशेष महत्व रखता है। यह फसल कटाई के बाद खुशियों का प्रतीक पर्व है, जिसे विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में श्रद्धालु मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। शहर के गुरुबाग और नीचीबाग स्थित गुरुद्वारों में गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ और रागी जत्थों द्वारा शबद कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
इसके अलावा मुगलसराय स्थित गुरुद्वारे में भव्य नगर कीर्तन भी निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। पारंपरिक वेशभूषा में लोग भांगड़ा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी खुशी का इजहार करेंगे।