जहां से फरवरी में डोजियर यूनेस्को की चयनित प्रक्रिया के लिए भेजी जाएगी। बैठक में संरक्षित क्षेत्र के अवैध निर्माण पर चिंता जताई। कहा अगर ऐसे ही स्मारकों की चहारदीवारी से सटकर अवैध निर्माण होते रहे तो यूनेस्को की सूची में शामिल होने का मानक पूरा नहीं हो पाएगा।
स्मारकों की फोटो सहित ऐतिहासिक महत्व एवं तुलनात्मक अध्ययन कर रिपोर्ट भेजी फरवरी माह में भेजी जाएगी। बैठक में पर्यटन अधिकारी नितिन द्विवेदी, अधीक्षण पुरातत्वविद अविनाश मोहंती आदि शामिल रहे।