श्री काशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को भक्तों की लंबी कतार लगी रही। पौष के महीने में सावन की तरह भक्तों की कतार उमड़ी तो मंदिर परिक्षेत्र की गलियाें ठसाठस हो गईं। गोदौलिया से मैदागिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। तीन साल से बंद चल रहा सरस्वती फाटक खुलने से श्रद्धालुओं ने भी राहत की सांस ली।
पूरा विश्वनाथ धाम देखने के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ का सरस्वती फाटक खुल गया। ज्ञानवापी के बाद सरस्वती फाटक से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। बाबा के धाम के निर्माण के कारण तीन सालों से सरस्वती फाटक बंद चल रहा था। दिन में 11:30 बजे से सरस्वती फाटक का द्वार खुलने से मानमंदिर, त्रिपुर भैरवी और मीरघाट के व्यापारियों ने खुशी जाहिर की है।
भक्तों ने बताया कि गंगा घाट से मंदिर जाने में आसानी हो रही है। पांच मिनट में भक्त आसानी से मंदिर पहुंच रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंगला आरती के बाद से रात तक सड़क पर भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर के मुख्य परिसर में चारों दरवाजों से भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा था। मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बिना मास्क के प्रवेश मंदिर में नहीं मिलेगा और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। लिहाजा आस्थावान दशाश्वमेध से त्रिपुरभैरवी गली से होते हुए बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। इस दौरान भक्तों को मंदिर चौक तक जाने की छूट मिल रही है।