संत रविदास के सपनों का गांव अब सजने लगा है। पंजाब से रैदासियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। संत रविदास की जयंती उनकी जन्मस्थली सीरगोवर्धन में 27 फरवरी को मनाई जाएगी।
शनिवार को एडीएम सिटी गुलाबचंद और एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने सीरगोवर्धन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान एडीएम सिटी ने साफ-सफाई से लेकर कोरोना गाइड लाइन के अनुसार दर्शन-पूजन के इंतजाम पर चर्चा की। साथ ही शहर में रविदास जयंती पर निकलने वाली शोभायात्रा के बारे में भी जानकारी हासिल की।
बैठक के बाद रैदासियों के लिए बने टेंट का भ्रमण किया। एडीएम सिटी ने कहा कि प्रशासन अपने स्तर पर समय से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लेगा। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलुओं पर जानकारी ली। इसके साथ ही आयोजकों द्वारा मंदिर की ओर से लगे सीसीटीवी कैमरे की जानकारी लेने के साथ ही सेवादारों द्वारा आने-जाने वाले लोगों को मेटल डिटेक्टर से चेक करने के बारे में भी पूछा।
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देर से पहुंच रहे सेवादार
मंदिर प्रबंधक निर्मल सिंह ने बताया कि रेलगाड़ियां निरस्त होने के कारण संगत और सेवादार देर से पहुंच रहे हैं। सेवादारों का एक जत्था बृहस्पतिवार को ही पहुंच गया था। इसके साथ ही अमृतवाणी का पाठ शुरू हो गया है। शनिवार की देर रात भी संगत और सेवादारों का एक जत्था पहुंचा। सीर में 23 फरवरी से लंगर शुरू हो जाएगा। पंडाल बनाने का भी काम लगभग पूरा हो गया है। लाइट और सजावट का काम अंतिम चरण में चल रहा है।