संकट मोचन संगीत समारोह की चित्र प्रदर्शनी में बीआर फाउंडेशन के कलाकारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी पेंटिग्स से लोगों का मन मोह लिया। इसमें नन्हें कलाकारों ने अपना उत्साह दिखाया।
संकट मोचन संगीत समारोह की प्रथम निशा पर हर वर्ष की तरह इस बार भी चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में दूर-दराज के साथ स्थानीय चित्रकारों ने भी प्रतिभाग किया। इसमें 11 वर्षीय जीवा ने 21 साै बार राम-राम लिखकर हनुमान जी की पेंटिंग बनाई है।
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जीवा बताती हैं कि दीदी स्नेहा को देखकर मैं आकर्षित हुईं। भगवान राम का स्मरण कर पेंटिंग बनाना शुरू किया। मेरा मार्गदर्शन चित्रकार पूनम राय ने किया। नन्हीं जीवा प्रदर्शनी में अपनी पेटिंग देख काफी खुश हैं
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इसी तरह स्नेहा ने भी बाल हनुमान के चित्र को उकेरा है। उन्होंने बताया कि इस पेंटिंग को बनाने में करीब 30 मिनट लगे। वे इसलिए काफी खुशी हैं कि पहली बार उन्हें इतने बड़े कायक्रम में उनकी पेंटिंग को भी हिस्सा दिया गया।
प्रदर्शनी में रिजवान खान ने भी पेंटिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। उन्होंने हनुमान जी की पेंटिंग बनाकर नई उपलिब्ध हासिल की है। वे बताते हैं कि कला, संगीत-साहित्य में धर्म और मजहब जैसी चीजें नहीं होती हैं। इस मंच पर आकर सभी धर्म-जाति के लोग सिर्फ एक ही नाम से पुकारे जाते हैं, जिसके कलाकार कहते हैं।
बीआर फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम राय ने जानीं-मानीं चित्रकार हैं। उन्होंने भी अपनी पेंटिंग्स इस प्रदर्शनी में लगाई है। वे बताती हैं कि उन्होंने काफी सम्मान पाए हैं लेकिन हनुमत दरबार में कला के माध्यम से हिस्सा लेना, अपने आप में एक सम्मान हो जाता है। मेरे लिए इससे बढ़ा सम्मान कुछ नहीं।