संकट मोचन संगीत समारोह के 102वें संस्करण का शुभारंभ बांसुरीवादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया करेंगे। हनुमत दरबार में 16 अप्रैल से गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बहेगी।
संकट मोचन संगीत समारोह के 102वें संस्करण की शुरुआत 16 अप्रैल से हो रही है। छह दिवसीय संगीत समारोह की पहली निशा की शुरुआत पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के बांसुरी वादन से होगी। इसके अलावा पं. विश्वमोहन भट्ट, डॉ. येल्ला वेंकटेश्वर, यू राजेश, पं. शिवमणि, डागर बंधु समेत कई दिग्गज कलाकार शिरकत कर रहे हैं। इस बार समारोह में 11 पद्म अवार्डी और 16 कलाकार पहली बार संकट मोचन के आंगन में संगीतांजलि अर्पित करेंगे। ये जानकारी संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने पत्रकारों को दी।
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उन्होंने बताया कि 10 दिन चलने वाले हनुमत जयंती कार्यक्रम की शुरुआत चैत्र शुक्ल पूर्णिमा 12 अप्रैल को संकट मोचन मंदिर प्रांगण में हनुमानजी के विशेष शृंगार, झांकी, आरती और पूजन से होगी। शनिवार को सुबह शहनाई वादन, रुद्राभिषेक, श्रीरामचरित मानस का पाठ, श्रीसीताराम संकीर्तन, श्रीवाल्मिकी रामायण का सुंदरकांड पाठ होगा। शाम पांच बजे रामकृष्ण मिशन के कीर्तन मंडलियों का संकीर्तन।
रात में श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ होगा। 13 से 15 अप्रैल तक सार्वभौम रामायण सम्मेलन होगा। इसमें काशी और देश के अनेक सुप्रसिद्ध मानस वक्ताओं की कथा शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक होगी। इसमें पं. उमाशंकर शर्मा (बरेली), पं. किशन उपाध्याय (किशनगंज), डा. चंद्रकांत चतुर्वेदी एवं प्रो. नलिन श्याम कामिल भाग लेंगे।