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संकट मोचन संगीत समारोह: पहली बार प्रभु हनुमान के सामने प्रस्तुतियां देंगे 14 मुस्लिम कलाकार, देखें पूरी सूची

Mon, 30 Mar 2026 01:09 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Sankat Mochan Sangeet Samaroh: संकट मोचन संगीत समारोह को लेकर महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने पूरी जानकारी दी। इस बार कई 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार भी इस विश्व विख्यात आयोजन में अपनी हाजिरी लगाएंगे।
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समारोह की जानकारी देते मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: संकट मोचन संगीत समारोह का 103वां आयोजन इस वर्ष 6 से 11 अप्रैल तक मंदिर परिसर में भव्य रूप से होगा। यह प्रतिष्ठित आयोजन अपनी सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक माहौल के लिए देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है। इस बार का समारोह कई मायनों में खास रहने वाला है।

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पहली बार इस मंच पर 14 मुस्लिम कलाकार भी भगवान हनुमान को समर्पित अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जो सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक समरसता का अनूठा उदाहरण पेश करेगा। इसके साथ ही 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार भी इस बार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिनमें से कई पहली बार संकट मोचन के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। कुल मिलाकर 45 मुख्य कलाकारों सहित 150 से अधिक कलाकार इस आयोजन में भाग लेंगे।

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तैयारियां तेज

मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल संगीत का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समावेश का प्रतीक है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कम से कम एक ऐसा मंदिर जरूर रहना चाहिए, जहां सभी धर्मों और विचारों के लोगों को आने की स्वतंत्रता हो।

इस संगीत समारोह से पहले 2 से 5 अप्रैल तक मंदिर में हनुमान जंयती के अवसर पर भव्य रामायण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान देश के विभिन्न शहरों से प्रसिद्ध रामायण मंडलियां और मानस वक्ता शामिल होंगे। सम्मेलन में अखिल ब्रह्माण्डनायक सीताराम महाराज सभापति के आसन को सुशोभित करेंगे।

रामचरितमानस की होगी प्रस्तुति

2 अप्रैल को सुबह 6 से 9 बजे तक श्री हनुमान जी की विशेष पूजन-आरती और भव्य झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 9 बजे से श्रीरामचरितमानस का पूजन और एकाह पाठ प्रारंभ होगा। शाम को भजन-कीर्तन और रामायण मंडलियों द्वारा पूरी रात अखंड गान का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

वहीं 3 से 5 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक केवल रामचरितमानस पर प्रवचन होंगे, जिसमें विद्वान वक्ता राम कथा का विस्तृत वर्णन करेंगे।

महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने सभी रामभक्तों और मानस प्रेमियों से अपील की है कि वे इस पावन आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और आध्यात्मिक लाभ के साथ सांस्कृतिक विरासत का आनंद उठाएं। यह आयोजन काशी की समृद्ध परंपरा, भक्ति और संगीत के अद्भुत संगम का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

मुख्य मस्लिम कलाकार
  • गायन: उस्ताद गुलाम अब्बास खां
  • गायन: उस्ताद मस्कूर अली खां
  • सरोद: शिराज अली खां
  • सितार: मेहताब अली नियाजी
  • 7 दिन तक प्रस्तुतियां देंगी मालिनी अवस्थी, शिवमणि और साजन मिश्र सहित 45 कलाकार

पहली निशा
  • चित्रकूट नृत्य नाटिका: रूपवाणी संस्था (निर्देशक: व्योमेश शुक्ल)
  • संतूर: पं. राहुल शर्मा (तबला: पं. राम कुमार मिश्र)
  • कथक: विधा लाल
  • बांसुरी: एस आकाश
  • गायन: विदुषी मालिनी अवस्थी
  • एकल तबला: राहुल मिश्रा
  • सितार: पंडित हरविंदर शर्मा
  • कथक: शिक्षा भट्टाचार्या

दूसरी निशा (7 अप्रैल)
  • मेंडोलिन: पं. यू राजेश
  • ड्रम: पं. शिवमणि
  • मोहन वीणा: पं. विश्व मोहन भट्ट
  • सात्विक वीणा: सलिल भट्ट
  • गायन: उस्ताद गुलाम अब्बास खां

तीसरी निशा (8 अप्रैल)
  • गायन: पं. उल्हास कशालकर, विदुषी जसपिंदर नरुला, विदुषी कौशिकी चक्रवर्ती
  • बांसुरी: पं. विवेक सोनार
  • गिटार: पं. देबाशीष भट्टाचार्या
  • सरोद: पं. आलोक लाहिड़ी और अभिषेक लाहिड़ी

चौथी निशा (9 अप्रैल)
  • सरोद: पं. देबज्योति बोस
  • ओडिसी नृत्य: वृत्तिश नृसिंह राणा
  • मेंडोलिन और सरस्वती वीणा: पंडित यू राजेश और पंडित राजेश वैद्य
  • गायन: पंडित अनूप जलोटा, पं. सतीश व्यास, पं. अजय पोहनकर।

पांचवीं निशा (10 अप्रैल)
  • कथक: पं. राम मोहन महाराज
  • सरोद: पं. तेजेंद्र नारायण मजुमदार
  • बांसुरी: पं. रोनू मजुमदार
  • गायन: विदुषी कंकणा बनर्जी, उस्ताद मस्कूर अली खां
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छठवीं निशा (11 अप्रैल)
  • ओडिसी: पं. रतिकांत महापात्रा और सुजाता महापात्रा
  • सरोद: शिराज अली खां
  • सितार: मेहताब अली नियाजी
  • गायन: विदुषी कलापिनी कोमकली, पं. हरीश तिवारी, पं. साजन मिश्र
  • सरोद: शिराज अली खां
  • शतरंत्री वीणा: पं. अभय रुस्तम सोपोरी

यह समारोह रोज शाम 7:30 बजे से सूर्योदय तक संकट मोचन मंदिर के प्रांगण में आयोजित होगा।
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