काशी ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के चयन को लेकर भारत धर्म महामंडल के दोनों धड़ों में विवाद गहरा गया है। द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का ज्योतिष्पीठ पर अभिषेक करने वाले धड़े ने महामंडल कक्ष में बैठक कर जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
स्वरूपानंद का अभिषेक करने के आरोप में निलंबित किए गए इस धड़े के पदाधिकारियों का कहना था कि जनरल सेक्रेटरी की विधि शून्य कार्रवाई को रद्द करने का प्रस्ताव दिया जा चुका है। उसे रद्द न करने पर नियमावली के तहत अन्य पदाधिकारियों की ओर से नए सिरे से बैठक का एजेंडा जारी किया जाएगा।
उन्होंने सदस्यता रसीद काटने के नाम पर जनरल सेक्रेटरी पर गोलमाल करने का भी आरोप लगाया। चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने बताया कि सदस्यता की रसीद काटने का मामला मंत्री सभा के संज्ञान में है। इस पर उंगली नहीं उठाई जा सकती।
जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का इस पीठ पर अभिषेक करने वाले धड़े के उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने कहा कि कुछ लोग ज्योतिषपीठ की गद्दी पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, इसलिए हस्तक्षेप करने हुए उन्हें आगे आना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत धर्म महामंडल विरोधी गतिविधियां संचालित करने और सनातन धर्म तथा शंकरपीठों के सम्मान के विपरीत काम करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय की ओर से तीन सौ नए सदस्यों की रसीद बगैर कौंसिल की अनुमति के काटी गई है। नए सदस्य बनाकर संस्था पर कब्जा करने का षड्यंत्र रचा गया है। इसकी शिकायत सहायक निबंधक सोसाइटीज एवं चिट्स फंड को दे दी गई है, ताकि गोलमाल को रोका जा सके।