आचार्य प्रथम सेमेस्टर के साहित्य विषय के द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा के दौरान जब प्रश्नपत्रों का वितरण हुआ तो छात्र हैरान रह गए थ। प्रश्नपत्र में पूर्णांक सौ नंबर का था, लेकिन प्रश्न सिर्फ 70 नंबर के थे। वहीं दूसरी पाली में नव्य व्याकरण के प्रश्नपत्र में भी छात्र हैरान रहे।
सौ नंबर के पूर्णांक में प्रश्नों के नंबर सौ तो रहे लेकिन प्रश्नों का वितरण इस तरह से किया गया था कि छात्रों को समझ ही नहीं आ रहा था कि कितने प्रश्न करने हैं। प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी से छात्र-छात्राएं और महाविद्यालयों के शिक्षक भी हैरान हैं।
शिक्षकों का कहना है कि पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण प्रश्नपत्र की समय सीमा कम की गई थी, ऐसे में इस साल उसी के आधार पर ही पेपर को सेट करने के कारण यह गड़बड़ी सामने आ रही है। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई भी होगी।