संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय में शैक्षिक गतिविधियोें का आकस्मिक निरीक्षण किया। कुलपति के निरीक्षण में छह अध्यापक अनुपस्थित मिले। कुलपति ने सभी को चेतावनी जारी की और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं करने की बात कही।
कुलपति ने इस तरह की लापरवाही पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हमें स्वयं को देववाणी भाषा का सेवक मानकर अपने कर्तव्य का अहसास होना चाहिए, इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।