औड़िहार। करीब छह माह बाद सैदपुर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तो हुआ, लेकिन स्वरूप बदला नजर आया। सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन और आला अफसरों के आने से पहले सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था दिखाई पड़ी। एक तरफ कुर्सियों पर विभिन्न विभाग के अधिकारी, तो दूसरी तरह नवागत डीएम एवं एसपी बैठे थे। पूर्वाह्न 9.45 बजे से परिसर में फरियादियों की भीड़ जुट गई थी। सबसे पहले बहरियाबाद के बहुआरी गांव निवासी कांता यादव ने भूमि संबंधित समस्या का आवेदन डीएम के सामने रखा, जिस पर उन्होंने तत्काल निस्तारण का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। कहा कि भूमि संबंधित मामलों में त्वरित न्याय अपने अधिकार सीमा के तहत ही किए जाएं। शिकायतों के निस्तारण में टाल-मटोल न की जाए।
लंबे समय बाद आरंभ हुए संपूर्ण सामाधान दिवस और नवागत डीएम के आने के बाद जनता से रू-ब-रू होने की खबर से इलाके के लोगों में काफी उत्साह देखा गया। पूर्वांह्न 10.00 बजे तहसीलदार दिनेश कुमार सभाकक्ष में पहुंचे और समाधान दिवस के आयोजन की तैयारी को देखा।
पूर्वांह्न 10.05 बजे एसडीएम अनिरूद्ध प्रसाद सिंह पहुंचे और उन्होंने निर्देशित किया कि आने फारियादियों के आवेदन को अधिकारियों तक पहुंचने से पहले उनका पंजीकरण हो, इसके लिए अलग काउंटर व्यवस्था कराई जाए। 10.30 बजे जिले के प्रमुख विभागों के अधिकारी पहुंचने लगे, जिसमें सबसे पहले मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक, कृषि अधिकारी, एसीएमओ केके वर्मा ने आकर अपना कार्य शुरू कर दिया। इस बीच फरियादियों के काउंटर से पहुंचने पहले प्रत्येक की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन भी कराया गया। साथ में वहां पहुंचने वाले बुजुर्ग फरियादी का एंटीजन किट से जांच भी कराया जा रहा था।
11.00 बजे नवागत डीएम मंगला प्रसाद सिंह और एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह पहुंचे और अपनी कुर्सी संभाल ली। पूर्वांह्न 11.15 बजे बहरियाबाद के बहुआरी गांव निवासी कांता यादव ने अपना प्रार्थना पत्र डीएम को दिया। डीएम ने तत्काल संबंधित अधिकारी को निस्तारण करने का निर्देश दिया। इसके फरियादी एक-एक करके विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अपना प्रार्थना-पत्र लेकर अधिकारियों पास पहुंचना शुरू किए। दोपहर दो बजे डीएम ने उठने से पूर्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कहीं से कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।