पिछले चार दिनों से चल रही कवायद के बाद सपा ने सोमवार की दोपहर मेयर के उम्मीदवार की घोषणा कर दी। पार्टी ने प्रदेश सचिव एवं व्यापारी नेता संजय गुप्ता की पत्नी साधना गुप्ता को टिकट दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सोमवार को संजय और साधना के साथ मीटिंग के बाद उन्हें सिंबल देकर लखनऊ से वाराणसी रवाना किया। टिकट के लिए दंपती बीते कई दिनों से लखनऊ में जमे थे। संजय गुप्ता रियल एस्टेट के कारोबारी हैं।
मेयर के लिए वाराणसी से 12 लोगों ने दावेदारी की थी। इसमें साधना गुप्ता का नाम भी शामिल था। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष डा. पीयूष यादव समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ पूर्व में कई बार मीटिंग की लेकिन नाम तय नहीं हो पाया।
सपा दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मजबूती से चुनाव लड़ना चाहती थी। उसे ऐसा प्रत्याशी चाहिए था जो जातिगत समीकरण के आधार पर दमदारी से लड़े और वह आर्थिक रूप से भी मजबूत हो।
भाजपा की ओर से मृदुला जायसवाल को प्रत्याशी बनाने के बाद लगा कि सपा बनिया वर्ग से किसी को प्रत्याशी नहीं बनाएगी। गीता मौर्या के नाम भी चर्चा हुई लेकिन आखिरकार साधना गुप्ता का पलड़ा भारी साबित हुआ और उन्हें मेयर का उम्मीदवार बनाया गया।
व्यापारी नेता संजय गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के करीबी माने जाते हैं। उन्हें इसका पूरा फायदा मिला। साधना गुप्ता इंटरमीडिएट पास हैं। स्व. भैयालाल जायसवाल की बेटी साधना का जन्म 9 अक्तूबर 1967 को हुआ था। वह परिवार के साथ सिगरा के मौलवीबाग में रहती हैं।
वह 2008 से सपा की सदस्य हैं। वह इनरव्हील क्लब उदया की वाइस प्रेसीडेंट और विकल्प सामाजिक संस्था की चेयरपरसन हैं। वह जायसवाल महिला सभा की संरक्षक भी हैं। वह पूर्व में कभी पार्षद का चुनाव नहीं लड़ी हैं। उनके पति भी कभी पार्षद नहीं रहे हैं।