समाजवादी पार्टी के नेता हरीश मिश्रा को कोर्ट से राहत मिल गई। उन्हें एक-एक लाख का बंधपत्र देने पर रिहाई दे दी गई। हरीश को दो युवकों ने पीटा था। इस पर उन्होंने ये आरोप लगाया था कि करणी सेना के लोगों ने उन पर हमला किया था।
करणी सेना के सदस्यों से मारपीट के मामले में सपा नेता हरीश मिश्रा उर्फ बनारस वाले मिश्रा जी को कोर्ट से राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (एससी/ एसटी एक्ट) देवकांत शुक्ला की अदालत ने आरोपी हरीश मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
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12 अप्रैल को सिगरा थाना क्षेत्र में सपा नेता हरीश मिश्रा उर्फ बनारस वाले मिश्रा जी की करणी सेना के सदस्यों अविनाश मिश्रा और स्वास्तिक उपाध्याय के साथ मारपीट हुई थी।
इस मामले में हरीश मिश्रा ने कहा था कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था, जबकि दोनों गंभीर युवकों ने इसे सपा नेता हरीश मिश्रा और उनके समर्थकों द्वारा मारपीट करना बताया था। इस मामले में हरीश मिश्रा व करणी सेना के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बाद में सिगरा पुलिस ने सपा नेता हरीश मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अस्पताल से गिरफ्तार किया था।
बीते दिनों अदालत में वादी मुकदमा अविनाश मिश्रा की ओर से कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और आरोपी का आपराधिक इतिहास तलब करने की अपील की गई थी। जिस पर हरीश मिश्रा के अधिवक्ता ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद अदालत ने इस मामले में पुलिस द्वारा संकलित साक्ष्य और केस डायरी के आधार पर ही जमानत अर्जी पर सुनवाई करने का आदेश दिया था।