बैरिया में लेखपालों की अनुपस्थिति पर चर्चा
क्राइम इंस्पेक्टर अवधेश मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में भूमि विवाद के सात मामले आए। इनमें एक का मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि छह शिकायतें संबंधित विभागों को भेज दी गईं। मधुबनी, दलजीत टोला, सुरेमनपुर, जमालपुर और बैरिया के फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। इस दौरान लेखपालों की अनुपस्थिति चर्चा में रही। बताया गया कि उनकी ड्यूटी अन्य कार्यों में लगी थी। राजस्व निरीक्षक अजीत सिंह और अजीत श्रीवास्तव मौजूद रहे।
रजिस्ट्री के बाद भी खेती नहीं करने देने का आरोप
समाधान दिवस में पांच शिकायतें आईं। जनाड़ी निवासी शशिकांत पांडेय ने पिपरा मौजा में सड़क की जमीन पर कब्जे और सरकारी पैमाइश के बाद लगाए गए हदबंदी के पत्थर उखाड़ने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने लेखपाल सत्येंद्र यादव को जांच सौंपी। वहीं, नगवा निवासी गुड़िया देवी ने बताया कि उन्होंने 2024 में 11 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराई थी, लेकिन पड़ोसी उन्हें खेती नहीं करने दे रहे हैं और धमकी देते हैं। थानाध्यक्ष ने लेखपाल अरविंद कुमार सिंह को स्थलीय जांच के निर्देश दिए।
नरही में आठ में से सात शिकायतों का निपटारा
थाना समाधान दिवस में आठ शिकायतें आईं, जिनमें सात राजस्व और एक पुलिस से संबंधित थी। थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल के अनुसार, सात मामलों का निपटारा किया गया। मिल्की गांव के हरेराम ओझा ने 15 साल से जमीन की पैमाइश नहीं होने के कारण मकान नहीं बना पाने की शिकायत की। वहीं, नरहीं गांव के रामजी पांडेय ने आठ साल से पैमाइश के लिए चक्कर लगाने की बात कही। इस दौरान कानूनगो राकेश कुमार शर्मा, नरेंद्र सिंह और लेखपाल मौजूद रहे।