खेल में आधी आबादी का दबदबा बढ़ा है। खेल के प्रति इन दिनों लड़कियों की मानसिकता में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब सभी खेलों में लड़कियां हिस्सा ले रही हैं। पहले सिर्फ लोग अपने बच्चों की पढ़ाई पर जोर देेते थे। लेकिन विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा में लड़कियों के जीतने से लोग खेल के प्रति जागरूक हुए हैं। यह बातें भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने शनिवार को वाराणसी में अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान कहीं।
साक्षी उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से रविवार को आयोजित मैराथन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करने वाराणसी आई हैं। पहली बार वाराणसी आईं मलिक ने बताया कि खेल में लड़कियों के लिए पहले कोई व्यवस्था नहीं थी। लड़कियों के मेडल लाने से परिजनों की सोच बदली। लोग अब पूछते हैं कि अपने बच्चे को आप के जैसा कैसे बनाएं। इससे उनका मनोबल और बढ़ता है।