साबरमती एक्सप्रेस के इंजन में उठता धुआं।
कैंट स्टेशन, वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस एक बार फिर बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। शुक्रवार को बीरापट्टी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के इंजन में आग लगने से हड़कंप मच गया। तत्काल ट्रेन रोककर किसी तरह इंजन को अलग किया गया। यह वही इंजन था, जिसमें तीन दिन पहले भी आग लगी थी। उस घटना में यह इंजन खराब (डेड) हो गया था। ट्रेन में जोड़कर इसे मरम्मत के लिए रतलाम ले जाया जा रहा था। गनीमत यह थी कि इसकी आग मेन इंजन या बोगियों तक नहीं पहुंच पाई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
एक तरफ यात्रियों की सुरक्षा की बात हो रही है तो दूसरी तरफ रेलवे की मनमानी आएदिन उजागर हो रही है। इसके चलते यात्रियों की जान बार-बार जोखिम में पड़ रही है। साबरमती एक्सप्रेस के इंजन में तीन दिन पहले हुई आग की घटना शुक्रवार को फिर से दोहरा गई।
अहमदाबाद के लिए यह ट्रेन कैंट स्टेशन से चलकर अपराह्न करीब तीन बजे जब वीरापट्टी रेलवे क्रासिंग से गुजर रही थी तो गेटमैन ने इंजन से धुआं उठता देखा। तत्काल उसने स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद ट्रेन वीरापट्टी स्टेशन पहुंची तो वहां आग बुझाने का प्रयास शुरू हुआ। साथ ही इंजन को ट्रेन से अलग कर दिया गया। हालांकि यह मेन इंजन नहीं बल्कि 19 अप्रैल को आग लगने से खराब (डेड) हो चुका इंजन था। इसे मेन इंजन के पीछे जोड़कर मरम्मत के लिए रतलाम शेड ले जाया जा रहा था। एक घंटे बाद चार बजे ट्रेन रवाना की गई। वहीं, कुछ देर बाद पहुंची फायर ब्रिगेड 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफल हुई।