वरुणा नदी में ड्रेजिंग का काम चल रहा है मगर अवैध निर्माणों को हटाए बिना कॉरिडोर की योजना को मूर्तरूप दे पाना संभव नहीं है।
वरुणा किनारे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने में ढिलाई बरतने और नए निर्माण पर अंकुश नहीं लगा पाने पर मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कड़ी नाराजगी जताई है। मंडलायुक्त ने वीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध निर्माण को ढहाने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। जो निर्माण चिह्नित किए जा चुके हैं उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हर हाल में जल्द से जल्द पूरी की जाए।
बता दें, वरुणा किनारे अवैध निर्माण पर ‘अमर उजाला’ लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। शुक्रवार को मंडलायुक्त वीडीए के सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वरुणा किनारे अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इस पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने वीडीए के सचिव एमपी सिंह और अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि अवैध निर्माण के मामले को त्वरित निस्तारित किया जाए। साथ ही कोर्ट से जिन अवैध भवनों के मामले निस्तारित हो चुके हैं उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि अब आगे वरुणा पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण न हो इसके लिए टीम गठित की जाएगी। इसके लिए उन्होंने 25 अप्रैल को वीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की बैठक बुलाई है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वरुणा पर अतिक्रमण न हो।
उन्होंने कहा कि अवस्थापना निधि से वीडीए जो भी कार्य कराए उसकी मानक के अनुसार काम करने और जांच के बाद भी भुगतान किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सड़कों के निर्माण में तारकोल और गिट्टी की जांच के बाद भी पूरा भुगतान करने का निर्देश दिया है। बैठक में सचिव एमपी सिंह, अधिशासी अभियंता गोपाल कृष्ण, बीएन सिंह, रामबली मिश्रा आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार वरुणा कॉरीडोर के तहत कैंटोमेंट से लेकर सरायमोहाना के बीच पांच नए घाट बनाए जाएंगे। सिंचाई विभाग इसकी डिजाइन तैयार करा रहा है। ड्रेजिंग का काम होने के बाद नए घाटों पर काम शुरू कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राम सजीवन पटेल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग कार्यालय, जिलाधिकारी आवास केसमीप, चौकाघाट पुल, पुराना पुल और स्लाटर हाउस चौकाघाट के पास नए घाट का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा कॉरीडोर में लाइटिंग, फुटपाथ, ग्रीनरी का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही कैंटोमेंट से सरायमोहाना तक नदी के दोनों किनारों पर रिटेनिंग वाल बनाई जाएगी। ताकि नदी किनारे घूमने वाले लोग सुरक्षित रह सकें। अभी तक कचहरी के समीप शास्त्री घाट है।