रूंगटा अपहरण कांड में मुख्तार अंसारी को मिली सजा के खिलाफ दाखिल अपील मुख्तार की मौत के कारण निरस्त कर दी गई। कोर्ट ने पत्रावली दफ्तर में दाखिल करने का आदेश दिया।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत ने पूर्व विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उससे संबंधित दो मुकदमों की पत्रावली शनिवार को दाखिल दफ्तर करने का आदेश दिया। इसी के साथ दोनों मुकदमों की सुनवाई समाप्त हो गई। अदालत ने यह आदेश बांदा के जेल अधीक्षक की मुख्तार अंसारी की मृत्यु संबंधी रिपोर्ट के आधार पर दिया है।
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पहला प्रकरण, कोयला व्यापारी नंद किशोर रूंगटा के अपहरण के बाद उनके भाई महावीर प्रसाद रूंगटा को धमकाने से संबंधित है। इस मामले में अदालत ने मुख्तार अंसारी को 15 दिसंबर 2023 को पांच वर्ष छह माह की सजा सुनाई थी। जुर्माना भी लगाया था। सजा के खिलाफ मुख्तार अंसारी ने अपील की थी।
दूसरा प्रकरण, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने का आर्म्स एक्ट से संबंधित था। इस प्रकरण में लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी दो असलहे जमा न करने का मुख्तार अंसारी पर आरोप था। उसने आरोप से डिस्चार्ज किए जाने का अनुरोध अदालत से किया था।