कमिश्नर ने कहा कि इसके रखरखाव और चलाने की जिम्मेदारी आईएसडब्ल्यूएसी कंपनी (इंडियन सैनिटेशन वार्ड ब्वाय एंड हार्टिकल्चर कांट्रैक्टर) को दिया गया है, जो पहले से टीएफसी का संचालन कर रही है। दस साल के लिए हुए टेंडर में औसतन प्रतिवर्ष 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये प्रशासन को देगी। प्रतिवर्ष औसत राजस्व 37 प्रतिशत मिलेगा। बाकी वहां के रखरखाव, बिजली, सुरक्षा आदि की व्यवस्था कंपनी करेगी। स्मार्ट सिटी, नगर निगम और प्रशासन की बैठक कर तय किया जाएगा कि इससे होने वाली आय किस खाते में डाली जाए।
पैकेज के जरिए प्रोफेशनल ग्रुप को साधेंगे
कमिश्नर ने बताया कि पर्यटन को ध्यान में रखकर प्रोफेशनल ग्रुप को पैकेज दिया जाएगा। इस पैकेज में हाल में मीटिंग के अलावा क्रूज, सारनाथ, विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, मानमंदिर घुमाने को भी शामिल किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार होंगे तो आने वाले लोगों को पैकेज के तहत सुविधा दी जाएगी।