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वाराणसी जिला जेल में बवाल: आधे घंटे तक बजती रही पगली घंटी, चहारदीवारी के अंदर उत्पात तो बाहर बंदी के परिजनों की चीत्कार

Fri, 25 Feb 2022 06:04 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी जिला जेल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिला जेल की चहारदीवारी के भीतर का माहौल शुक्रवार सुबह अचानक अशांत हो उठा। एक बंदी की मौत के बाद गुस्साएं बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बवाल कर दिया। जेल की चहारदीवारी के अंदर बंदी उत्पात मचाते रहे जबकि बाहर मृतक के परिजन चीत्कार करते रहे।

मृत बंदी राजेश जायसवाल  की पत्नी और बच्चों का करुण क्रंदन देख लोगों की भी आंखे नम हो गईं। उन्होंने जेल के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की और विरोध जताया। परिजनों का आरोप रहा कि जेल में हत्या कराई गई है। जिला जेल के अंदर लगभग ढाई हजार बंदियों के अचानक उग्र होने से जेल प्रशासन हांफने लगा।

कारागार की मुट्ठी भर फोर्स सुरक्षित स्थान ढूंढ़ने लगी। नौ बजे से लेकर लगातार साढ़े नौ बजे तक पगली घंटी बजती रही। इतनी देर तक पगली घंटी बजने से आसपास के लोग भी भयभीत हो गए। दोपहर तक माहौल सामान्य हुआ। 
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वाराणसी जिला जेल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
जिला जेल चौकाघाट में शुक्रवार सुबह एक बंदी की मौत के बाद गुस्साएं बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बवाल कर दिया। आक्रोशित बंदियों ने बैरकों और जेल की एंबुलेंस में तोड़ फोड़ किया। पगली घंटी बजने के बाद पहुंची फोर्स ने दोपहर तक किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पीएसी और जेल प्रशासन ने बंदियों को समझा बुझाकर शांत कराया। 
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वाराणसी जिला जेल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
डीआईजी जेल, एडीएम सिटी, डीसीपी वरुणा ने जेल पहुंच घटना की छानबीन की। एहतियातन कमिश्नरेट पुलिस के दस थानों की फोर्स पहुंची थी। सिगरा थाना अंतर्गत छोटी गैबी निवासी राजेश जायसवाल (55) को छह माह पूर्व धोखाधड़ी सहित कूटरचित मामले में चेतगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भेज भेजा था।  

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वाराणसी जिला जेल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
छह माह से जेल में ही विचाराधीन बंदी राजेश जायसवाल की गुरुवार रात अचानक तबीयत खराब हुई तो जेल से एंबुलेंस के जरिए कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने भर्ती की सलाह दी थी लेकिन राजेश ने भर्ती होने से इंकार कर दिया, इस पर साथ आए बंदी रक्षक उसे पुन: लेकर जेल में दाखिल हो गए। 
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वाराणसी जिला जेल में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार तड़के तबीयत दोबारा बिगड़ी तो आरोप है कि जेल प्रशासन ने अस्पताल भिजवाने में देरी की। इसी कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजेश जायसवाल की रास्ते में  मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार ऑक्सीजन लेवल कम होने और बीपी बढ़ने के कारण मौत हुई। 
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वाराणसी जिला जेल में बवाल - फोटो : अमर उजाला
साथी बंदी की मौत की भनक सुबह नौ बजे जैसे ही बैरक के अन्य बंदियों को हुई तो सभी उग्र हो गए। बैरक से निकलकर जिला जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बैरक के बाहर तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल बैरक के बाहर खड़ी एंबुलेंस का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्थरबाजी भी की गई। इस दौरान बंदियों को काबू करने में जेल प्रशासन पूरी तरह से असफल रहा। 
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वाराणसी जिला जेल के बाहर बिलखते मृत बंदी के परिजन - फोटो : अमर उजाला
बैरक के बाहर बवाल करने वाले बंदियों को काबू में करने के लिए दो गाड़ी पीएसी बुलाई गई। तब तक सूचना पाकर डीआईजी जेल अरविंद कुमार सिंह, जेल अधीक्षक एके सक्सेना और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। किसी तरह बंदियों को समझा बुझाकर शांत कराया। 

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वाराणसी जिला जेल के बाहर बिलखते मृत बंदी के परिजन - फोटो : अमर उजाला
राजेश जायसवाल के परिजनों को भी सुबह नौ बजे सूचना दी गई कि बीमारी से राजेश की मौत हो गई, शव आकर ले जाएं। रोते-बिलखते हुए पत्नी और अन्य परिजन पहुंचे तो जेल के बाहर ही मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
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वाराणसी जिला जेल के बाहर बिलखते मृत बंदी के परिजन - फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप था कि दो दिन पहले ही मोबाइल पर बातचीत हुई थी तो कोई तकलीफ नहीं थी। अचानक कैसे मौत हो गई, जेल में किसी ने हत्या कराई है। बवाल को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बिंदुओं पर रिपोर्ट जिला जेल प्रशासन से मांगी है। जेल के बैरक में बंदियों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर बर्बरता से पिटाई की गई। पीएसी और अन्य फोर्स ने लाठियां भांजी। वहीं कुछ बंदियों को दूसरे बैरक में भी भिजवाया गया। आरोप लगाया कि जेल में कई गड़बड़ियां हो रही हैं।
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