मामला बढ़ता देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों-सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई। छात्रों और सुरक्षाकर्मियों की ओर से एक दूसरे के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया। छात्रों ने जहां लात-घूसों से पिटाई का आरोप लगाया वहीं सुरक्षाकर्मियों ने हमला करने का आरोप लगाया।
बताया कि छात्रों की पिटाई से कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी ने कहा कि फीस वृद्धि का विरोध करने वाले छात्रों से बातचीत की गई लेकिन वह उग्र हो गए और धक्कामुक्की और हाथापाई करने लगे। इससे सुरक्षाकर्मियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य घायल हुए हैं। कुलपति की गाड़ी पर गमला फेंकने का प्रयास किया लेकिन उसे बचा लिया गया। घटना की सीसीटीवी फुटेज दिखवाई जा रही है। नियमानुसार दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
धरना दे रहे स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्रों का कहना है कि अचानक से 400 रुपये सालाना फीस बढ़ाई गई है। ऐसे में यह बात निश्चित है कि आने वाले दिनों में फीस में 10 हजार की भी वृद्धि की जा सकती है। इसलिए हमारी मांग है कि यह फीस वृद्धि वापस ली जाए। इस फीस वृद्धि के विरुद्ध हम लोगों ने 28 मार्च को ज्ञापन सौंपा था।
दो अप्रैल तक कोई ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए यह वृद्धि वापस लेने की मांग की थी। लेकिन आज छह अप्रैल हो गया लेकिन बीएचयू प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की इस संबंध में कोई बात नहीं कई कई। जब तक यह वृद्धि वापस नहीं ली जाती हम आंदोलन करते रहेंगे।