बीएचयू सीएचएस के गेट पर प्रदर्शन करते अभिभावक
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) द्वारा संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) में कक्षा 6-9 में ई लॉटरी से दाखिला लेने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीएचयू परिसर के साथ ही अब बाहर भी धरना, प्रदर्शन कर लोग फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मंगलवार के बाद बुधवार को भी छात्रों और अभिभावकों ने धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, विधायक और पूर्व सांसद ने कुलपति को पत्र लिखकर लॉटरी सिस्टम से दाखिले के फैसले को वापस लेकर प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की है। पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने बीएचयू कुलपति को लिखे पत्र में कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री परीक्षा पर चर्चा कर रहे हैं तो दूसरी ओर प्रवेश परीक्षा समाप्त करने का विश्वविद्यालय प्रशासन का फैसला गलत है। पारदर्शिता के लिए प्रवेश परीक्षा के साथ ही पहले से चले आ रहे कुलपति कोटा और पेड कोटा को भी खत्म करना जरूरी है।
लॉटरी सिस्टम छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाला फैसला
उधर, पूर्व मंत्री और गाजीपुर के जमानिया से विधायक ओमप्रकाश सिंह ने भी कुलपति को पत्र लिखकर लॉटरी सिस्टम को छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाला फैसला बताया। कहा कि इससे प्रतिभावान छात्रों का नुकसान होगा। विधायक के पत्र को छात्रों ने रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला को सौंपा। पूर्व राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया ने पूरे मामले में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर छात्र हित में परीक्षा प्रणाली को लागू करने की मांग रखी है।