डॉ. रविंद्र सहाय कैलाशी ने 2018 में सरस्वती फाटक के पास 150 साल पुराने पीपल का पेड़ अवैध रूप से मंदिर प्रशासन के द्वारा काटे जाने पर धरना दिया गया था। हाईकोर्ट और राज्य सूचना आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लिया था।
पूछे थे चार सवाल
रविंद्र सहाय ने अपनी आरटीआई में चार सवाल पूछे थे। इसमें मंदिर कार्यालय के लेखा लिपिक दिनेश कुमार पांडेय के सहायक लेखा अधिकारी बनने की प्रक्रिया, कॉरिडोर योजना में कुल कितने सेवइतनामा कराए गए। किस मकान नंबर में किस देवी-देवता का मंदिर था। विश्वनाथ मंदिर ने 2019 में एक निजी बैंक से कितना लोन लिया। उस लोन का भुगतान कैसे किया। वहीं अंतिम सवाल में श्रीकाशी विश्वनाथ अधिनियम-1983 की धारा 30 की प्रति मांगी थी। मगर मंदिर प्रशासन ने जवाब में सूचना के अधिकार कानून के धारा 8(1) जी की दुहाई देते हुए किसी भी सवाल की जानकारी देने से मना कर दिया।