निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया दो मार्च से शुरू होगी। इसके लिए आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन कर सकते हैं। तीन चरण में दाखिले होंगे।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी बच्चों का प्रवेश अनिवार्य है। इस योजना में कक्षा आठ तक बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया कराई जाती है। सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिए पहले चरण में आवेदन प्रक्रिया दो से 25 मार्च तक होगी। आवेदनों का सत्यापन 26 से 28 मार्च तक किया जाएगा। लॉटरी 30 मार्च को निकाली जाएगी और पांच अप्रैल तक चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला कराया जाएगा। वहीं दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया एक से 23 अप्रैल तक होगी। 24 से 26 अप्रैल तक आवेदनों का सत्यापन, 28 अप्रैल को लॉटरी और 5 मई तक चयनित बच्चों को दाखिला दिलाना होगा। तीसरे ओर अंतिम चरण में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल से 10 जून तक होगी। 11 से 13 जून तक आवेदनों का सत्यापन, 15 जून को लॉटरी और 30 जून तक बच्चों का दाखिला होगा। जिला समन्वयक विमल केशरी ने बताया कि इस बार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। आवेदक को अपने वार्ड व ग्राम पंचायत के विद्यालयों के लिए आवेदन करना होगा। अगर यहां विद्यालय नहीं है तो 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में आवेदन कर सकते हैं।
ये है पात्रता
- एससी, एसटी, ओबीसी, अनाथ एवं दिव्यांग बच्चे, बीपीएल कार्ड धारकों के बच्चे, विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चे
- दुर्बल वर्ग में एक लाख रुपये आय से कम के अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।
अभिभावकों को नहीं मिली शुल्क प्रतिपूर्ति
आरटीई के तहत दुर्बल व अलाभित समूह के बच्चों को पांच-पांच हजार रुपये की मदद दी जाती है। लेकिन बजट के अभाव में पिछले तीन सालों से अभिभावकों को शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल सकी है। जिला समन्वयक विमल केशरी ने बताया कि शासन को इसके लिए मांग पत्र भेजे गए हैं, जैसे ही बजट आएगा अभिभावकों के खाते में इसकी धनराशि भेजी जाएगी।